आधार कार्ड में पता बदलवाने के लिए किरायेदारी तभी मान्य मानी जाएगी जब रेंट एग्रीमेंट में आपका नाम सही और स्पष्ट रूप से लिखा हो। रेंट एग्रीमेंट एक वैध दस्तावेज़ होना चाहिए, जिसमें किरायेदार और मकान मालिक दोनों के विवरण शामिल हों। साथ ही, मकान मालिक के नाम से बिजली का बिल भी एड्रेस प्रूफ के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

आधार अपडेट के लिए रेंट एग्रीमेंट की कॉपी ऑनलाइन UIDAI की वेबसाइट पर अपलोड करनी होती है, जिसके बाद मोबाइल पर प्राप्त OTP डालकर वेरिफिकेशन पूरा होता है। इस प्रक्रिया के बाद आपका पता आधार में सफलतापूर्वक अपडेट हो जाएगा और आपको एक रिक्वेस्ट नंबर भी मिलेगा, जिससे आप अपने अपडेट की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।
ई-स्टाम्प और नोटरी में क्या अंतर है?
- ई-स्टाम्प: यह एक डिजिटल स्टाम्प प्रमाणपत्र होता है जो स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान दर्शाता है। इसे ऑनलाइन खरीदा जा सकता है और यह दस्तावेज़ की वैधता के लिए भुगतान की पुष्टि करता है। ई-स्टाम्प दस्तावेज़ पर एक डिजिटल मार्क के रूप में रहता है।
- नोटरी (Notary): नोटरी एक कानूनी अधिकारी होता है जो दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर की प्रामाणिकता की पुष्टि करता है।
- नोटरी स्टाम्प: यह रबर स्टाम्प होता है, जिसमें नोटरी का नाम और कमीशन अवधि लिखी होती है।
- नोटरी एम्बॉसिंग सील: यह धातु की सील होती है जो दस्तावेज़ पर ऊभरी हुई मुहर छोड़ती है।
नोटरी स्टाम्प और एम्बॉसिंग सील दस्तावेज़ों को कानूनी मान्यता दिलाने के लिए जरूरी होते हैं, जबकि ई-स्टाम्प केवल स्टाम्प ड्यूटी के भुगतान का प्रमाण है। नोटरी प्रक्रिया दस्तावेज़ों की गवाही और सत्यापन की जाती है, इसलिए दोनों में कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण अंतर होता है।





