
भारत सरकार ने 1 अक्टूबर 2024 से कई बड़े नियम बदलाव लागू करने का ऐलान किया है। इन बदलावों का असर सीधे आधार कार्ड धारकों, टैक्सपेयर्स और निवेश करने वालों पर पड़ेगा। खासतौर से आधार नामांकन आईडी (Aadhaar Enrollment ID) को लेकर नया नियम लागू किया जाएगा, जिससे पैन कार्ड का दुरुपयोग रोकने में मदद मिलेगी।
आधार कार्ड से जुड़ा नया नियम
अक्टूबर से आधार नामांकन आईडी का इस्तेमाल पैन कार्ड बनवाने या आयकर रिटर्न दाखिल करने में नहीं किया जा सकेगा। अब केवल सक्रिय आधार कार्ड ही इन प्रक्रियाओं के लिए मान्य होगा। सरकार का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि कोई व्यक्ति आधार नामांकन आईडी दिखाकर फर्जी पैन कार्ड न बनवा सके और गलत तरीके से इसका इस्तेमाल न किया जाए।
क्यों लाया गया यह बदलाव
आधार नामांकन आईडी का अर्थ है वह 28 अंकों का अस्थाई नंबर जो नया आधार कार्ड बनाने या अपडेट के समय मिलता है। चूंकि यह केवल अस्थाई होता है, कई लोग इसे पैन कार्ड आवेदन या टैक्स फाइलिंग के लिए इस्तेमाल कर लेते थे। इससे पैन वेरिफिकेशन में गड़बड़ी और मिसयूज की आशंका बनी रहती थी। इस समस्या को खत्म करने के लिए अब केवल आधार कार्ड नंबर ही मान्य रहेगा।
आधार कार्ड के अलावा और क्या बदलने जा रहा है
1 अक्टूबर से सिर्फ आधार कार्ड से जुड़े नियम ही नहीं, बल्कि आयकर और निवेश से जुड़े पांच और बदलाव लागू किए जाएंगे। ये नियम बजट 2024-25 में पेश किए गए थे और अब उन्हें लागू किया जा रहा है।
- डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास योजना 2024: टैक्स विवाद को निपटाने के लिए आसान स्कीम लागू होगी।
- सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी: शेयर बाजार में निवेश पर पहले से ज्यादा टैक्स लगेगा।
- फ्लोटिंग TDS रेट्स: ब्याज और अन्य आय पर अलग-अलग स्थितियों के मुताबिक नया TDS रेट लागू होगा।
- TDS दरों में बदलाव: निवेश और भुगतान पर कटने वाले टैक्स की दरों में परिवर्तन किया जाएगा।
- शेयर बायबैक पर नया टैक्स नियम: कंपनियों द्वारा किए जाने वाले शेयर बायबैक पर अलग से टैक्स देना होगा।
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आधार कार्ड धारकों के लिए जरूरी संदेश
अगर आपने हाल ही में आधार कार्ड के लिए नामांकन कराया है और अभी सिर्फ एनरोलमेंट आईडी आपके पास है, तो ध्यान दें कि 1 अक्टूबर के बाद इसका उपयोग पैन या ITR के लिए नहीं किया जाएगा। ऐसे में आपको आधार कार्ड आने का इंतजार करना होगा या फिर आधार डाउनलोड करना अनिवार्य होगा।
यह बदलाव सरकार की उस कवायद का हिस्सा है, जिसके तहत पैन और आधार लिंकिंग को मजबूत किया जा रहा है और टैक्स चोरी को रोकने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।





