
आज के डिजिटल भारत में Aadhaar Card केवल एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि हर नागरिक की डिजिटल पहचान है। बैंक में खाता खोलना हो, पासपोर्ट बनवाना हो या किसी सरकारी योजना का लाभ लेना — हर जगह Aadhaar की जरूरत पड़ती है। इसी पहचान प्रणाली को और सटीक बनाने के लिए UIDAI (Unique Identification Authority of India) ने अब एक बड़ा अपडेट जारी किया है।
UIDAI के नए नियम के तहत अब 5 से 17 वर्ष आयु तक के बच्चों के लिए Aadhaar Biometric Update पूरी तरह से मुफ्त रहेगा। इस नीति का मकसद बच्चों की पहचान को डिजिटल रूप से सुरक्षित और सटीक बनाना है।
आधार में बायोमेट्रिक क्या होता है?
जब कोई नागरिक अपना आधार कार्ड बनवाता है, तो उसकी यूनिक बॉडी आइडेंटिटी डिटेल्स ली जाती हैं जिन्हें Biometrics कहा जाता है। इसमें शामिल होते हैं:
- उंगलियों के निशान (Fingerprints)
- आंखों की पुतली की स्कैनिंग (Iris Scan)
- और फोटो (Photograph)
ये तीनों डेटा व्यक्ति की पहचान को यूनिक बनाते हैं, ताकि कोई और व्यक्ति उसी पहचान का उपयोग न कर सके। बच्चों की उम्र के साथ ये परिवर्तनशील होते हैं, इसलिए UIDAI ने उनके लिए आयु‑आधारित अपडेट का प्रावधान रखा है।
बच्चों के लिए फ्री अपडेट की स्कीम
UIDAI के ताजा नियमों के मुताबिक, 5 से 17 वर्ष उम्र वाले बच्चों के लिए Aadhaar Biometric Update निशुल्क रहेगा। इसका मतलब यह है कि न तो आपको किसी सेंटर पर फीस देनी है और न ही कोई सर्विस चार्ज।
| आयु सीमा | अपडेट प्रकार | शुल्क | अंतिम तिथि |
|---|---|---|---|
| 5–7 वर्ष | पहला Biometric Update (MBU‑1) | निःशुल्क | 30 सितंबर 2026 |
| 15–17 वर्ष | दूसरा Biometric Update (MBU‑2) | निःशुल्क | 30 सितंबर 2026 |
| 18 वर्ष से ऊपर | नियमित Biometric Update | ₹125 | 30 सितंबर 2026 के बाद |
UIDAI ने साफ कर दिया है कि 30 सितंबर 2026 के बाद यह सुविधा सशुल्क हो जाएगी। इसलिए, अगर आपके बच्चे की उम्र 5 से 17 वर्ष के बीच है, तो बेहतर है कि आप यह अपडेट जल्द करा लें।
दो चरणों में होती है बायोमेट्रिक अपडेट प्रक्रिया
UIDAI ने बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट को दो चरणों में विभाजित किया है ताकि जानकारी बेहतर और सटीक रहे:
पहला अपडेट (MBU‑1) – जब बच्चा 5 साल का हो
इस चरण में बच्चे के फिंगरप्रिंट, फोटो और आईरिस स्कैन लिए जाते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह फ्री होती है।
दूसरा अपडेट (MBU‑2) – जब बच्चा 15 साल का हो
इस उम्र तक आते‑आते बच्चे का बायोमेट्रिक डेटा काफी हद तक स्थिर हो जाता है। इसलिए UIDAI फिर से स्कैन लेकर रिकॉर्ड अपडेट करता है। यह भी निःशुल्क है।
इन दोनों अपडेट्स से यह सुनिश्चित होता है कि बच्चे का Aadhaar भविष्य में भी बिना किसी त्रुटि के सरकारी और फाइनेंशियल सेवाओं में काम करे।
कहां कराएं Aadhaar Biometric Update
UIDAI ने देशभर में हजारों Aadhaar Seva Kendra (ASK) और CSC (Common Service Centre) अधिकृत किए हैं, जहां आप यह अपडेट करवा सकते हैं।
आवश्यक दस्तावेज साथ रखें:
- माता‑पिता या अभिभावक का Aadhaar कार्ड
- बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र या स्कूल आईडी
- Aadhaar अपडेट फॉर्म (केंद्र पर उपलब्ध होता है)
निकटतम केंद्र का पता UIDAI की वेबसाइट या mAadhaar ऐप के जरिए आसानी से पता लगाया जा सकता है।
17 वर्ष से अधिक उम्र वालों के लिए नियम
अगर आपकी उम्र 17 वर्ष से अधिक है और आप अपना Biometric Update कराना चाहते हैं, तो UIDAI ने ₹125 का शुल्क तय किया है। यह भुगतान नकद, UPI या कार्ड से किया जा सकता है, लेकिन ध्यान रहे कि इसका भुगतान केवल अधिकृत केंद्र पर ही किया जाए।
UIDAI ने यह स्कीम क्यों शुरू की?
इस योजना का उद्देश्य बच्चों की पहचान को शुरुआती स्तर से डिजिटल और सटीक बनाना है। बच्चों की उम्र और शारीरिक विकास के साथ उनके बायोमेट्रिक बदलते हैं। इसलिए UIDAI ने फ्री अपडेट की यह नीति बनाई है ताकि भविष्य में आधार डेटा से संबंधित त्रुटियां कम हो सकें और हर बच्चे की पहचान विश्वसनीय रूप से बनी रहे।
यह पहल उन माता‑पिता के लिए राहत का कदम है जिन्हें पहले हर बार अपडेट करवाने के लिए शुल्क देना पड़ता था।
फ्री बायोमेट्रिक अपडेट के फायदे
- बच्चों की पहचान सरकारी रिकॉर्ड में सही तरीके से सुरक्षित रहेगी।
- भविष्य में स्कूल या बैंकिंग KYC प्रक्रियाओं में परेशानी नहीं होगी।
- UIDAI के डेटाबेस में सटीकता बढ़ेगी।
- डिजिटल भारत मिशन को मजबूती मिलेगी।





