
आधार डेटा की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के मुख्य डेटाबेस से अब तक कोई भी डेटा लीक या ब्रीच नहीं हुआ है, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने 17 दिसंबर, 2025 को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी साझा की।
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सरकार ने संसद में क्या कहा?
मंत्री जितिन प्रसाद ने सदन को आश्वस्त किया कि आधार का सिस्टम अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों से लैस है:
- सरकार के मुताबिक, आधार के केंद्रीय डेटाबेस (CIDR) से आज तक किसी भी प्रकार का डेटा समझौता होने की खबर नहीं मिली है।
- आधार डेटा “डिफेंस-इन-डेप्थ” (defence-in-depth) तकनीक पर आधारित एक बहु-स्तरीय सुरक्षा ढांचे से सुरक्षित है। इसका मतलब है कि सुरक्षा की कई परतें हैं, जिससे डेटा को सेंध लगाना लगभग नामुमकिन है।
- आधार डेटा को स्टोर करने और एक जगह से दूसरी जगह भेजने (transmission) के दौरान आधुनिक एन्क्रिप्शन तकनीकों का उपयोग किया जाता है।
- सुरक्षा को पुख्ता रखने के लिए प्रणाली की समय-समय पर साइबर सुरक्षा ऑडिट और समीक्षा की जाती है।
- वर्तमान में देश में लगभग 134 करोड़ सक्रिय आधार कार्ड धारक हैं और अब तक 16,000 करोड़ से अधिक ऑथेंटिकेशन ट्रांजैक्शन पूरे किए जा चुके हैं।
आपकी जानकारी सुरक्षित है या नहीं? ऐसे करें चेक
अगर आपको संदेह है कि आपके आधार का गलत इस्तेमाल हुआ है, तो आप नीचे दिए गए चरणों का पालन करके अपना ‘ऑथेंटिकेशन इतिहास’ (Authentication History) देख सकते हैं:
- सबसे पहले UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या mAadhaar App का उपयोग करें।
- अपना 12 अंकों का आधार नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें। इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा, जिसे डालकर ‘लॉग इन’ करें।
- ‘My Aadhaar’ टैब के तहत ‘Aadhaar Authentication History’ विकल्प पर क्लिक करें।
- यहां आप पिछले 6 महीनों का रिकॉर्ड देख सकते हैं, यदि आपको कोई ऐसी गतिविधि दिखती है जो आपने नहीं की है, तो आप इसकी शिकायत तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1947 पर कर सकते हैं।
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सुरक्षा के लिए अतिरिक्त उपाय
- आप myAadhaar Portal के जरिए अपने फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन को लॉक कर सकते हैं। इससे कोई भी व्यक्ति आपकी सहमति के बिना आपके बायोमेट्रिक्स का उपयोग नहीं कर पाएगा।
- अपनी पहचान साबित करने के लिए ‘मास्क्ड आधार’ का उपयोग करें, जिसमें आधार के केवल अंतिम 4 अंक दिखाई देते हैं।
- सरकार ने आधार दस्तावेजों को ऑनलाइन मुफ्त में अपडेट करने की समय सीमा को बढ़ाकर 14 जून, 2026 तक कर दिया है





