
आधार कार्ड धारकों के लिए बड़ी खुशखबरी है, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने अपना नया और एडवांस आधार ऐप लॉन्च कर दिया है, जिसके बाद अब आपको पहचान सत्यापन (Verification) के लिए आधार कार्ड की फोटोकॉपी साझा करने की जरूरत नहीं होगी, 28 जनवरी 2026 को लॉन्च किया गया यह ऐप न केवल आपकी प्राइवेसी को सुरक्षित रखेगा, बल्कि डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
फोटोकॉपी देने की मजबूरी होगी खत्म
अक्सर होटल, ऑफिस या अन्य संस्थानों में एंट्री के लिए आधार की फिजिकल कॉपी या फोटोकॉपी मांगी जाती है, जिससे डेटा चोरी का डर बना रहता है। नए ऐप के जरिए अब यूजर्स QR कोड या डिजिटल वेरिफिकेशन का उपयोग कर सकेंगे, UIDAI के नए नियमों के तहत अब प्राइवेट संस्थाएं फोटोकॉपी जमा करने के बजाय सीधे ऐप से डिजिटल ऑथेंटिकेशन करेंगी, जो पूरी तरह सुरक्षित और टेंपर-प्रूफ होगा।
नए ऐप की 5 प्रमुख विशेषताएं
- अब आप अपनी जरूरत के हिसाब से डेटा साझा कर सकते हैं, उदाहरण के लिए, यदि केवल उम्र के सत्यापन की जरूरत है, तो आप पूरा आधार नंबर साझा किए बिना केवल अपनी आयु की जानकारी दे पाएंगे।
- मोबाइल नंबर और पता बदलने के लिए अब आपको आधार सेंटर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है, यह काम अब आप सीधे ऐप के जरिए घर बैठे कर सकते हैं।
- ऐप में बायोमेट्रिक्स के साथ-साथ फेस आईडी (Face Authentication) की सुविधा दी गई है, जिससे फर्जीवाड़ा रुक सकेगा।
- एक ही ऐप में यूजर अपने परिवार के अधिकतम 5 सदस्यों का प्रोफाइल मैनेज कर सकते हैं, यह बच्चों और बुजुर्गों के वेरिफिकेशन के लिए काफी मददगार होगा।
- बिना इंटरनेट के भी QR कोड स्कैनिंग के जरिए पहचान सत्यापित की जा सकेगी।
डेटा सुरक्षा पर विशेष जोर
यह नया ऐप पुराने mAadhaar का स्थान लेगा और इसमें सुरक्षा के कई नए लेयर्स जोड़े गए हैं, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसके लॉन्च पर कहा कि यह ऐप प्राइवेसी और सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है, ताकि आधार डेटा का गलत इस्तेमाल न हो सके।





