
अगर आपके आधार कार्ड में जन्मतिथि गलत है, तो सावधान हो जाएं! UIDAI ने आधार अपडेट की प्रक्रिया को अब और भी सख्त कर दिया है, नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब मनचाहे तरीके से या बार-बार जन्मतिथि बदलना मुमकिन नहीं होगा।
जन्म प्रमाण पत्र बना अनिवार्य
UIDAI के नए अपडेट के अनुसार, जन्मतिथि में सुधार के लिए अब ‘जन्म प्रमाण पत्र’ (Birth Certificate) को सबसे प्राथमिक और अनिवार्य दस्तावेज माना गया है, हालांकि पासपोर्ट और मार्कशीट जैसे कुछ अन्य दस्तावेज भी स्वीकार्य हैं, लेकिन विवाद या सीमा उल्लंघन (Limit Cross) की स्थिति में केवल आधिकारिक जन्म प्रमाण पत्र ही मान्य होगा।
‘एक बार’ की लक्ष्मण रेखा
आधार कार्ड में जन्मतिथि सुधारने का मौका अब केवल जीवन में एक बार ही मिलेगा, यदि आपने पहले एक बार सुधार करवा लिया है, तो सामान्य आधार केंद्रों या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए दोबारा बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
‘लिमिट क्रॉस’ होने पर क्या करें?
अगर आपकी सुधार की सीमा (Limit) खत्म हो चुकी है, तो प्रक्रिया बहुत जटिल हो जाती है, ऐसी स्थिति में आपको:
- नजदीकी आधार केंद्र पर जाकर नया नामांकन (Enrollment) कराना होगा।
- इसके बाद, आपको UIDAI के क्षेत्रीय कार्यालय (Regional Office) को ईमेल करना होगा या वहां व्यक्तिगत रूप से जाना होगा।
- ईमेल के साथ ‘स्व-घोषणा पत्र’ (Self-Declaration Form) और वैध जन्म प्रमाण पत्र की कॉपी अटैच करनी होगी।
ऑनलाइन अपडेट पर पाबंदी
फिलहाल, सुरक्षा कारणों से जन्मतिथि में सुधार की सुविधा पूरी तरह से ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है, इसके लिए आपको UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट से अपॉइंटमेंट बुक करके आधार सेवा केंद्र ही जाना होगा।
मुख्य बातें जो आपके काम आएंगी
- आधार केंद्र पर जन्मतिथि सुधार के लिए ₹50 का शुल्क देना होता है।
- अपडेट प्रक्रिया में आमतौर पर 90 दिनों तक का समय लग सकता है।
- उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसी कई सरकारों ने अब आधार को ‘जन्म प्रमाण पत्र’ के तौर पर स्वीकार करना बंद कर दिया है, इसलिए अपने मूल दस्तावेजों को संभाल कर रखें।
आधार में किसी भी सुधार से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपके पास सही जन्म प्रमाण पत्र है, क्योंकि एक छोटी सी गलती आपके आधार को “फ्रीज” कर सकती है।





