
भारत में बच्चों के लिए आधार कार्ड (Aadhaar Card) बनवाना कभी-कभी माता-पिता के लिए तनावपूर्ण लगता है। अक्सर लोगों को डर होता है कि छोटे बच्चों के फिंगरप्रिंट (Fingerprint) और आइरिस स्कैन (Iris Scan) के बिना प्रोसेस पूरा नहीं होगा, या डॉक्यूमेंट्स की लंबी सूची और एनरोलमेंट सेंटर (Enrollment Center) की लंबी लाइनें झेलनी पड़ेगी। लेकिन UIDAI (Unique Identification Authority of India) ने 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए यह प्रक्रिया आसान और सुविधाजनक बना दी है। आइए जानें स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस, जरूरी डॉक्यूमेंट्स और अपडेट रूल्स।
बच्चों का आधार-माता-पिता से लिंक होना जरूरी
UIDAI बच्चों को “Child Aadhaar” की श्रेणी में रखता है। इसका मतलब है कि बच्चे का आधार सीधे माता-पिता या कानूनी गार्जियन (Legal Guardian) के आधार नंबर से लिंक होता है।
- 5 साल से कम उम्र के बच्चे के लिए फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन अनिवार्य नहीं हैं।
- बच्चे का आधार कार्ड (Aadhaar Card) किसी एक माता या पिता के आधार नंबर से लिंक किया जा सकता है।
- अगर माता-पिता दोनों मौजूद हों, तो आमतौर पर मां के आधार से लिंक किया जाता है, लेकिन यह नियम अनिवार्य नहीं है।
यानी, माता या पिता में से किसी एक का आधार होना ही पर्याप्त है।
जरूरी डॉक्यूमेंट्स-बर्थ सर्टिफिकेट सबसे अहम
बच्चे का आधार बनवाने के लिए UIDAI दो चीजों की पुष्टि करता है:
- बच्चे की पहचान
- बच्चे और माता-पिता/गार्जियन के रिश्ते का प्रमाण
ज्यादातर मामलों में बर्थ सर्टिफिकेट (Birth Certificate) ही पर्याप्त है।
- 1 अक्टूबर 2023 के बाद जन्मे बच्चों के लिए बर्थ सर्टिफिकेट अनिवार्य है।
- अगर बर्थ सर्टिफिकेट नहीं है, तो UIDAI द्वारा मान्य अन्य डॉक्यूमेंट्स का उपयोग किया जा सकता है।
- माता-पिता को सलाह दी जाती है कि पहले बर्थ सर्टिफिकेट बनवा लें, ताकि भविष्य में किसी भी सरकारी या स्कूल एडमिशन के दौरान परेशानी न आए।
सही एनरोलमेंट सेंटर का चयन
छोटे बच्चों के साथ लंबी लाइन में खड़े रहना कठिन होता है। इसलिए पहले से तय कर लें कि आप बच्चे का आधार किस सेंटर में बनवाएंगे।
- नजदीकी Aadhaar Enrollment Center या Aadhaar Seva Kendra सबसे आसान विकल्प हैं।
- कुछ सरकारी अस्पताल और स्कूलों में भी आधार सुविधा उपलब्ध होती है।
- UIDAI के भुवन पोर्टल (Bhuvan Portal) पर आसपास के सेंटर और उनकी टाइमिंग्स की जानकारी ली जा सकती है।
एनरोलमेंट सेंटर पर क्या होता है?
सेंटर पर जाकर प्रक्रिया बेहद आसान और फ्री होती है:
- ऑपरेटर बच्चे की बेसिक डिटेल्स दर्ज करता है।
- बच्चे की फोटो क्लिक की जाती है।
- आवेदन माता-पिता के आधार से लिंक किया जाता है।
राहत की बातें:
- मोबाइल नंबर देना जरूरी नहीं।
- पूरी प्रक्रिया मुफ्त (Free) होती है, कोई फीस नहीं।
5 साल की उम्र में बायोमेट्रिक अपडेट
जब बच्चा 5 साल का हो जाता है, UIDAI नियमों के अनुसार फोटो, फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन पहली बार पूरी तरह से लिए जाते हैं।
- आधार नंबर वही रहता है, इसे नया आधार नहीं माना जाता।
- तय समय सीमा के अंदर अपडेट करवाना फ्री है।
- 15 साल की उम्र में दोबारा बायोमेट्रिक अपडेट करना होता है।
उम्र के अनुसार आधार अपडेट – एक नजर में:
| उम्र (Age) | क्या होता है | फीस (Fee) |
|---|---|---|
| 0–5 साल | फोटो + माता-पिता से लिंक | फ्री |
| 5 साल | फुल बायोमेट्रिक अपडेट | फ्री |
| 15 साल | दोबारा बायोमेट्रिक अपडेट | फ्री |
जरूरी सलाह
अगर आपका बच्चा 5 साल से कम उम्र का है, तो आधार बनवाने को टालिए मत।
- स्कूल एडमिशन (School Admission)
- सरकारी योजनाएं (Government Schemes)
- हेल्थ सर्विसेस (Health Services)
इन सभी के लिए आधार धीरे-धीरे जरूरी होता जा रहा है। सही समय पर आधार बनवाकर और बायोमेट्रिक अपडेट करके आप भविष्य में कई परेशानियों से बच सकते हैं।
FAQs
Q1. क्या 5 साल से कम उम्र के बच्चे का आधार बन सकता है?
A: हां, जन्म के बाद कभी भी बाल आधार (Child Aadhaar) बनवाया जा सकता है।
Q2. Child Aadhaar क्या होता है?
A: Child Aadhaar 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जारी किया जाने वाला आधार नंबर है, जो माता-पिता या गार्जियन के आधार से लिंक होता है।
Q3. क्या बच्चों के फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन जरूरी हैं?
A: नहीं, 5 साल से कम उम्र के लिए ये जरूरी नहीं माने जाते।
Q4. बच्चे का आधार किससे लिंक होता है?
A: माता या पिता (या कानूनी गार्जियन) के आधार नंबर से।
Q5. बच्चे के आधार के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?
A: बच्चे का Birth Certificate और माता-पिता या गार्जियन का Aadhaar Card।





