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Offline Aadhaar: क्या होता है ऑफलाइन आधार? जानें इस्तेमाल का तरीका और 5 बड़े फायदे

ऑफलाइन आधार सेवा UIDAI द्वारा शुरू की गई सुरक्षित पहचान सत्यापन प्रक्रिया है, जिसमें बिना इंटरनेट और बायोमेट्रिक के डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित XML या QR कोड के जरिए पहचान सत्यापित होती है। यह प्रक्रिया प्राइवेसी-सुरक्षित, पेपरलेस, और कहीं भी इस्तेमाल हो सकती है। यूजर्स अपने डेटा का पूरा नियंत्रण रखते हैं और धोखाधड़ी का खतरा कम होता है।​

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ऑफलाइन आधार (Offline Aadhaar) भारत सरकार की भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा एक सुरक्षित और पेपरलेस पहचान सत्यापन सुविधा है, जो आधार धारकों को बिना इंटरनेट या बायोमेट्रिक के अपनी पहचान स्थापित करने में सक्षम बनाती है। इसमें आधारधारक अपनी व्यक्तिगत जानकारी को डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित XML फाइल या QR कोड के रूप में डाउनलोड करके सेवाओं के प्रदाताओं के साथ साझा कर सकते हैं। यह तरीका पूरी तरह से सुरक्षित, गोपनीय और सुविधाजनक है, खासकर उन इलाकों के लिए जहां इंटरनेट उपलब्धता सीमित होती है।

ऑफलाइन आधार कैसे बनाएं

ऑफलाइन आधार डेटा बनाने के लिए UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर “My Aadhaar” सेक्शन में “Download Aadhaar” या “Offline e-KYC” विकल्प चुनें। इसके बाद अपना आधार नंबर या वर्चुअल आईडी (VID) डालें और OTP के जरिए मोबाइल नंबर की पुष्टि करें। एक 4-अंकों का शेयर कोड बनाएँ, जो आपकी XML फाइल के लिए पासवर्ड की तरह काम करेगा। इस ज़िप फ़ाइल को आप सेवा प्रदाता के साथ शेयर कर सकते हैं, जो शेयर कोड का उपयोग करके डेटा को डिक्रिप्ट करता है। इसके अलावा, mAadhaar ऐप की मदद से भी यह प्रक्रिया आसानी से पूरी की जा सकती है, जिसमें आप सीधे ऐप से अपना QR कोड जनरेट कर इसके जरिए ऑफलाइन पहचान करवा सकते हैं।

पाँच बड़े फायदे

  1. गोपनीयता और सुरक्षा: ऑफलाइन आधार में आपका पूरा आधार नंबर साझा नहीं होता, बल्कि एक संदर्भ आईडी या शेयर कोड के जरिए सुरक्षित जानकारी साझा होती है, जिससे आपकी पहचान सुरक्षित रहती है और धोखाधड़ी का खतरा कम होता है।
  2. सुविधाजनक और पेपरलेस: यह पूरी तरह डिजिटल और कागज रहित प्रक्रिया है, इसलिए किसी भी प्रकार के भौतिक दस्तावेज़ की जरूरत नहीं होती।
  3. ऑफलाइन उपलब्धता: इसके लिए कोई इंटरनेट कनेक्शन या बायोमेट्रिक जरूरत नहीं होती, जो दूर-दराज के इलाकों में खासतौर से उपयोगी है।
  4. एन्क्रिप्टेड डेटा: डाउनलोड की गई XML फ़ाइल डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित और पासवर्ड-सुरक्षित होती है, जिससे डेटा की सुरक्षा मजबूत होती है और इसे कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकता।
  5. स्वैच्छिक और व्यापक उपयोग: यह एक वैकल्पिक सुविधा है जिसे बैंक, होटल, सरकारी और वित्तीय सेवाएँ आदि कई जगह उपयोग कर सकते हैं, बशर्ते वे इसे स्वीकार करते हों।

आसान उपयोग के टिप्स

  • XML फाइल या QR कोड को हमेशा सिर्फ विश्वसनीय सेवा प्रदाताओं के साथ ही साझा करें।
  • शेयर कोड न किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा करें और इसे सुरक्षित रखें।
  • mAadhaar ऐप के जरिए ऑफलाइन आधार सेवाओं को सीधे स्मार्टफोन पर संभालना बहुत सरल और त्वरित होता है।

ऑफलाइन आधार जैसे डिजिटल और सुरक्षित विकल्प ने पहचान सत्यापन को और अधिक आसान, सुरक्षित और सभी के लिए सुलभ बना दिया है। इसका उपयोग कर आधारधारक बिना किसी कागजी झंझट और इंटरनेट के अपने पहचान दस्तावेज़ प्रस्तुत कर सकते हैं, जिससे पहचान प्रक्रिया तेज़ और भरोसेमंद बनती है। यह सुविधा विशेषकर ग्रामीण और इंटरनेट कनेक्टिविटी कम वाले क्षेत्रों में काम आती है और डिजिटल इंडिया के सपने को आगे बढ़ाती है।

Author
Vishal Kumar

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