
2025 में UIDAI (अधिकारिक आधार प्राधिकरण) द्वारा पिता या पति के नाम में Title/Initials जोड़ने या हटाने के नियमों में अपडेट हुए हैं। अब आधार कार्ड में पिता या पति का नाम सीधे एड्रेस अपडेट के दौरान बिना प्रमाण दस्तावेज (जैसे कि कोई सरकारी पहचान पत्र) के ऑनलाइन नहीं जोड़ा जा सकता। इसे जोड़ने या बदलने के लिए Head of Family (HOF) विधि का पालन करना अनिवार्य है। यह कदम धोखाधड़ी को रोकने और डेटा सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
नए नियम और प्रक्रिया
- अब आधार में पिता या पति के नाम को एड्रेस के ‘Care of (C/O)’, ‘Son of (S/O)’ या ‘Wife of (W/O)’ के रूप में ही जोड़ा या बदला जा सकता है, लेकिन इसके लिए संबंधित हेड ऑफ फैमिली की अनुमति अनिवार्य है। सीधे बिना HOF की सहमति या वैध दस्तावेजों के नाम बदलाव की सुविधा सरकार ने हटा दी है।
- यह परिवर्तन UIDAI की सुरक्षा नीति का हिस्सा है ताकि आधार कार्ड में अभिव्यक्ति के स्तर पर गलत या फर्जी जानकारी न डाली जा सके।
- 18 वर्ष से अधिक उम्र के आधारधारकों के आधार कार्ड पर पिता या पति के नाम को हटाने का विकल्प भी अब उपलब्ध है, जिससे उपयोगकर्ता अपनी गोपनीयता बनाए रख सकते हैं।
- यदि पिता या पति का नाम अपडेट करना है तो यूआईडीएआई के निर्धारित मानकों के अनुरूप फॉर्म भरकर आयोग या ऑफलाइन Aadhaar सेवा केंद्र पर जाना होगा।
अपडेट के लिए आवश्यक कदम
- आधार कार्ड की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी Aadhaar केंद्र पर जाएं।
- आवेदन फॉर्म में आवश्यक बदलाव करें, जिसमें पिता या पति के नाम को सही तरीके से दर्ज करें।
- Head of Family का प्रमाण पत्र या सहमति आवश्यक होगी।
- जरूरी दस्तावेज (जैसे पैन कार्ड, वोटर आईडी, जन्म प्रमाण पत्र आदि) उपलब्ध कराएं।
- आवेदन शुल्क (Rs. 50) ऑनलाइन या डिमांड ड्राफ्ट से चुकाएं।
- UIDAI द्वारा सत्यापन के बाद आपका नाम संशोधन स्वीकृत होगा और नया आधार कार्ड जारी होगा।
ध्यान देने योग्य बातें
- नाम में Title या Initials जोड़ने या हटाने के लिए HOF का अनुमोदन आसान और मान्य तरीका है।
- ऑनलाइन बिना HOF की सहमति या प्रमाण पत्र के नाम संबंधी बदलाव की सुविधा समाप्त है।
- धोखाधड़ी रोकने की दृष्टि से नए नियम लागू किए गए हैं, जिससे आधार की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
- आधार कार्ड पर पिता या पति का नाम न होने से किसी सरकारी या निजी सेवा में कोई असुविधा नहीं होगी क्योंकि UIDAI देशभर के प्रमाण के लिए अन्य विवरण भी पर्याप्त मानता है।
इस नए नियम के चलते आधार कार्ड में पिता या पति के नाम के संबंध में बदलाव करना पहले से ज्यादा संरक्षित और नियंत्रित प्रक्रिया बन गई है। इससे उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है और धोखाधड़ी के जोखिम को कम किया जाता है।





